मोच और खिंचाव का इलाज क्या है

काम करते समय कई बार हमें यह मालूम नहीं हो पाता कि हाथ-पाँव में मोच लग गई है, कुछ समय बाद उस जगह दुःखने पर यह पता लगता है।

ज्यादा परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर को बताएँ और उपचार लें। यदि मोच छोटी है तो आप घरेलू उपचार कुछ इस तरह करें।

* आधा चम्मच हल्दी का दूध के साथ तुरंत सेवन करें। इससे हड्डियों के अंदर की चोट को आराम मिलता है।

* मोच खाए या टूटे अंग की मालिश कभी भी न करें। इससे कोई लाभ नहीं होता, बल्कि हानि पहुँच सकती है।

* मोच खाए जोड़ को ठीक करने के लिए इलास्टिक की पट्टियों से बांधे।

* मोच खाए टखने पर एड़ी से शुरू कर पट्टी को ऊपर की ओर बांधें, ध्यान रहे कि पट्टी बहुत सख्त न हो और हर दो घंटे में खोलते रहें। यदि दर्द और सूजन 48 घंटे में कम न हो तो चिकित्सा सहायता लें।

* पीड़ा और सूजन में कमी लाने के लिए मोच खाए अंग पर हर घंटे बाद बर्फ या ठंडे पानी की भीगी हुई पट्टियाँ रखें। इससे पीड़ा और सूजन में कमी आती है।

प्रस्तुत उपाय छोटी-मोटी चोट के लिए है अत: किसी भी प्रकार की चोट की गंभीरता जानने के लिए पहले विशेषज्ञ से जाँच करवाना आवश्यक है।

आगर पैर में खिचाव अजाए तो क्या करे

✓पूरे शरीर में फैली मांसपेशियां शरीर की ताकत होती हैं। ये शरीर को मजबूती देने के साथ ही लचीलापन भी देती हैं। ऐसे में इनमें होने वाला खिंचाव पीड़ा के साथ ही बहुत बेचैनी भी पैदा कर देता है। मसल्स में खिंचाव का मतलब है मसल्स का जरूरत से ज्यादा खिंच जाना या फट जाना। ऐसा तब होता है जब मांसपेशियों का अत्यधिक प्रयोग लगातार किया जाए, उन्हें बहुत थका दिया जाए या गलत तरीके से मसल्स का उपयोग किया जाए।

✓मांसपेशियों के खिंचाव की समस्या यूं किसी भी मसल में हो सकती है लेकिन मुख्यतौर पर यह लोअर बैक, कंधे, गर्दन तथा घुटने के पीछे की मसल्स में ज्यादा होती है। सामान्य खिंचाव में घरेलू इलाज जैसे बर्फ की सिकाई, गर्म सिकाव या साधारण सूजन दूर करने वाली दवाओं से आराम हो सकता है लेकिन गंभीर खिंचाव के केसेस में उचित इलाज की जरूरत हो सकती है। गंभीर केसेस में कई बार छोटी ब्लड वेसल्स को भी नुकसान पहुंच सकता है।